Newton’s Laws Of Motion In Hindi | न्यूटन का 3 नियोमो की जानकारी

नमस्कार दोस्तों, हम फिर से एक बार हाजिर है आपके सामने एक नए जानकारी लेकर Newton’s Laws Of Motion In Hindi . आज आपको इस लेख के माध्यम से गति और बल से जुड़ी हुई काफी सारे बातों के समझ आएगा. आज हम आपको बताने जा रहे हैं न्यूटन के 3 नियम ( Three law of Newton) के बारे में. आज आपको इस पोस्ट के माध्यम से काफी सारे महत्वपूर्ण जानकारी और साबालो के बारे में सीखने मिलेंगे तो हमारे साथ अंत तक जरूर बनी रहे.

Laws Of Motion In Hindi

सोचिए कि आप एक रास्ते पर बहुत ही तेजी से दौर रहे हैं और कोई आपको अचानक रुकने के लिए कहे या फिर दाहिने तरफ मोड़ने के लिए कहे तो क्या आप यह कर सकते हैं. यह दोनों काम को आप जरूर कर सकते हैं लेकिन एकदम से नहीं आप धीरे-धीरे कर सकते हैं. क्यों हम अपने पैर से जमीन को पीछे धकेलने पर हम आगे बढ़ते हैं.

Newton's Laws Of Motion In Hindi

क्या आप जानते हैं जब हम दौड़ना शुरू करते हैं तब हम एकदम से हमारे ज्यादा गति में दौड़ना क्यों नहीं शुरु कर पाते हैं, क्यों धीरे-धीरे हमारे गति बढ़ने लगते हैं. रॉकेट कैसे आसमान में उठते हैं इन सभी प्रश्नों का उत्तर हम न्यूटन के नियम से समझ सकते हैं. न्यूटन कुछ बात कहते हैं जिसको हम न्यूटन का नियम इयानी Newton’s Law के नाम से भी जानते हैं. गति के ऊपर न्यूटन के कुल 3 नियम है, तो चलिए देखते हैं न्यूटन के इन 3 नियम क्या कहता है.

Isaac NewtonIsaac Newton 1642 में पैदा हुए थे, उसी समय जब हिंदुस्तान में ताजमहल लगभग बन चुका था, और शिवाजी महाराज अपने पहले किले यानी तोड़ना के किले को जीतने की तैयारी कर रहे थे. आइज़क न्यूटन ने कहा कि यह सब होता है चीजों की एक खास गुण, जड़त्व की वजह से. चीज तबतक अपनी गति और दिशा नहीं बदलती जब तक उन पर कोई बल ना लगाया जाए, या उन्हें धक्का नही दिया जाए, लेकिन यह जड़त्व आता कहा से है. 

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न्यूटन का नियम 1 / Newton’s 1st Law of Motion

न्यूटन का गति का पहला नियम, जड़त्व , जड़त्व किसे कहते है : चीजें एक जगह से दूसरी जगह अपने आप क्यों नहीं जाती, वह चलती कब है, कभी-कभी विज्ञान इतना सरल होता है कि हम विश्वास नहीं कर पाते यह कुछ ऐसा है जिसे सीखने हमें स्कूल जाना पड़ता है. 

यह गुण चिसो का द्रव्य मान इया उनमे पदार्थ की मात्रा कितनी है इसकी वजह से पैदा होता है, यह उनका आकार इया आयतन के उपर निर्भर नहीं करता है. यह सिर्फ द्रव्य  मान पर भी निर्भर नहीं करता है कि वस्तु धातु की है, ठोस है, इया द्रव्य है, यह सिर्फ द्रव्यमान पर निर्भर करता है. इसका मतलब यह है कि अगर अलग-अलग द्रव्यमान वाली दो चिसे है. तो छोटी वस्तु की तुलना में बड़ी चीज को हिलाने के लिए बड़े बल की जरूरत होगी.

यह बात भी सच है कि बड़े द्रव्यमान वाली चीज को रोकने के लिए छोटी वस्तु की तुलना में कहीं ज्यादा बल की जरूरत होगी. Isaac Newton ने इन सब बातों को जोड़ा और गति का पहला नियम दिया, एक वस्तु जो एक गति से चल रहे हैं, वह तब तक उस गति से उसी दिशा में आगे चलती रहेगी जब तक इस पर कोई बाहरी बल ना लगाए. 

उदाहरण – एक बहुत बड़ी गेंद , किया यह गेंद अपने आप हिल सकती है, बिलकुल नही. हम हमेशा अपने पास ऐसी चीज देखते हैं जो एक ही जगह पर कायम रहती है. लेकिन अगर आप उस गेंद को हल्का सा धक्का देते हैं, तो उस गेंद ने हिलना शुरू कर देगा, उसी दिशा में जायेगा जिस दिशा में बल लागाया गया है. यह दाएं बाएं या उलटी दिशा में नहीं जाएगी. हमारे लिए यह एक साधारण बात लेकिन एक समय यह बिज्ञान के दुनिया में अबिस्कर किया गया था.

एक और बात, जब गेंद आगे बढ़ना शुरू करती है, तो किया यह गेंद अपने आप रुकेगी, जब तक कोई इस गेंद को रोकेगा नहीं तब तक यह नही रुकेगी, अगर गेंद को दाएं इया बाएं किनारे से धक्का दिया जाय तो किया होगा. तो गेंद अपने दिशा बदल देगी और नए दिशा में सीधे आगे बढ़ती रहेगी.

स्थिर चिसे तब तक नहीं चलती और चलने वाली चीज में तब तक नहीं रुकती इया आपने दिशा नहीं बदलती , जब तक कोई बाहरी बल उन पर नहीं लगता है. अगर कोई भी चीज एक दिशा में चल रही है, तो जैसे ही उस पर एक तरफ से बल लगाया जाता है वह अपने चलने की दिशा बदल लेती है.

न्यूटन का नियम 2 / Newton’s 2nd Law of Motion

न्यूटन का गति का दूसरा नियम, हमने देखा है कि जब तक किसी चीज को बल लगा कर धकेला इया खींचा नहीं जाता तब तक ना तो वह हिलती है और ना ही उसकी गति में कोई बदलाव आता है. 

आकाश में भेजे गए राकेट का उदाहरण, आप देख सकते हो कि रॉकेट की चाल बढ़ती चली जाती है, पहले 8 सेकंड में 161 किलोमीटर/घंटा के हिसाब से चलता है, जब पहेला मिनट समाप्त होता है तो यह 1609 किलोमीटर/घंटा पर होता है और 2 मिनट में इसकी चाल 4828 किलोमीटर/घंटा पहुंच जाती है. चाल में हो रहे लगातार परिवर्तन का यह मतलब है कि रॉकेट में त्बरण हो रहा है.

120 सेकंड में चाल 0 मीटर/सेकंड से 1341 मीटर/सेकंड हो जाता है, इस लिए कुल त्बरण 1341 मीटर/सेकंड को 120 सेकंड से भाग देने पर मिलेगा, जोकि होगा 11 मीटर/सेकंड सेकंड में. इसका मतलब हुआ की राकेट की चाल हर सेकंड असतं 11 मीटर/सेकंड से बढ़ती जा रही है और यही इसका त्बरण है.

पर चाल हो रहे है इस लगातार बदलाव का कारण क्या है? रॉकेट के ईंधन के लगातार जलने से एक बल पैदा होता है और इसी बल के वजह से उलटी दिशा में इयानी आसमान की तरफ काम करने वाला एक और सामान बल पैदा होता है, जिसकी वजह से रॉकेट का त्बरण होता है. 

न्यूटन का दूसरा नियम कहता है कि बल बराबर द्रब्यमान गुना त्बरण ,

बल = द्रब्यमान X त्बरण

अगर द्रव्यमान सामान रहता है और बल बढ़ता जाता है, तो त्बरण भी जरूर बढ़ना चाहिए, इसका मतलब है कि चाल और तेजी से बढ़ेगी पर जब द्रव्यमान छोटा होता है लेकिन बल समान रहता है तब भी त्बरण जादा बड़ा होगा और चाल जादा तेजीसे बढ़ेगी. क्या होगा जब बल समान है लेकिन द्रव्यमान बड़ा है, अब त्बरण कम होगा चार धीरे-धीरे बढ़ेगी. 

अगर आपको बल, द्रव्यमान और त्वरण का रिश्ता समझ आ गया तो आप इसे कभी नही भूलेंगे, तो याद रखना कि बल की वजह से त्बरण होता है और यह त्बरण बल की दिशा में होता है, यानी बल ज्यादा तो त्बरण ज्यादा.

न्यूटन का नियम 3 / Newton’s 3rd Law of Motion

न्यूटन का गति का तीसरा नियम, क्रिया और प्रतिक्रिया. क्या अपने कभी तोपों के बारे में सुना है, क्या अपने कभी किसी तोप को चलते हुए देखा है, गोला चोरतेहि ही तोप एकदम से पीछे की ओर जाती है. तोप के अंदर एक छोटा सा विस्फोट या धमाका होता है और इस धमाके से पैदा हुआ बल गोले को आगे की ओर चोरता है, ठीक उसी समय इस बल की प्रतिक्रिया में उल्टी दिशा में एक और बल पैदा होता है और यही बल तोप को पीछे की और धकेलता है. 

इसे और अच्छे तरीके से समझने के लिए आप नाबेक को देख सकते हैं, वह अपनी चप्पू के इस्तेमाल करके पानी को पीछे की ओर धक्का देता है और पानी प्रतिक्रिया के रूप में आगे की दिशा में एक बल पैदा करता है और यही बल उसकी नाव को आगे ले जाने में मदद करता है. तेराग इया तैरने वाले लोग भी ठीक यही करते हैं जो एक नाविक करते है. वह अपने हाथों से पानी को पीछे की ओर धक्का देते हैं और प्रतिक्रिया में पानी द्वारा पैदा किया गया बल उन्हें आगे की ओर बढ़ने में मदद करता है.

हम भी बिलकुल यही करते हैं जब हम चलते हैं, हमारे पैर जमीन को पीछे की ओर धक्का देते हैं और जमीन की प्रतिक्रिया हमें आगे की ओर बढ़ने में सहायता करती है. अगर ज़मीन गीली है तो हमारे पैर उस पर मजबूत पकड़ नहीं बना पाते और इसीलिए हम उसे सही तरह से नीचे की ओर धड़का भी नहीं दे पाते. और जाहिर सी बात है, फिर धरती के पर्तिक्रिया में भी सहिसे बल नही पैदा होता है और इसी वजह से गीली जमीन पर हम चल नहीं पाते हैं. 

कुर्सी पर बैठे आदमी अपने पैरों से दीवार को धक्का देता है, दीवार पर बल लगाता है तो कुर्सी धीरे-धीरे पीछे होता है, पर अपनी जगह से हिलता बिल्कुल नहीं है. लेकिन अभी अभी हमने देखा था कि न्यूटन का नियम कहता है कि अगर आदमी दीवार को धक्का देता है तो दीवार भी आदमी को धक्का देगी. अब यह सही है या नहीं पता करने के लिए आदमी को पहियों बाली कुर्सी बिठा देंगे हैं तो यह आराम से पीछे की ओर चला जायेगा.

क्या आप बाता सकते है की जब बिना पहियों वाली कुर्सी में बैठा था तब वह पीछे क्यों नहीं गया, वह इसलिए क्योंकि कुर्सी जमीन को पीछे की ओर धक्का तो दे रही थी लेकिन जमीन का घर्षण उसे रोक रहा था और इसीलिए कुर्सी अपनी जगह से हिल नहीं पा रही थी. जैसे ही हमने कुर्सी में पहिये लगा दिए, घर्षण का यह बल बहुत ज्यादा कम हो गया और कुर्सी आराम से अपनी जगह से हिल गई. 

इन सभी उदाहरणों में अपने देखा कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रिया होती है, पर किसी भी क्रिया की प्रतिक्रिया होती कितनी है? प्रतिक्रिया क्रिया के बिल्कुल बराबर होती है. न्यूटन का गति का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया के लिए एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है. 

एक और उदाहरण लेते हैं आप सब ने दिवाली के रॉकेट देखे हैं, जब रॉकेट के अंदर का रसायन जलता है तो वह नीचे की दिशा में एक बल लगाता है और इस नीचे की ओर लगने वाले बल की प्रतिक्रिया ऊपर की ओर के एक बल के रूप में लगती है और इसी ऊपरी बल के कारण रॉकेट ऊपर चला जाता है. अंतरिक्ष में बड़े-बड़े राकेट को भेजने के पीछे भी यही विज्ञान काम में लाया जाता है. 

बहुत सारी इंदन को जलाकर बहुत बड़ी मात्रा में बल पैदा किया जाता है, जो नीचे की ओर लगता है, और इस नीचे की और बाले बल की प्रतिक्रिया के रूप में ऊपर की ओर एक बल पैदा होता है. और इसीलिए भारी-भारी रॉकेट पहेले धीरे-धीरे उपर की और उठते हैं और जैसे-जैसे इधर लगातार चलता रहता है, जादा और ज्यादा बल पैदा होता है. और इसकी और ज्यादा प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है, जो राकेट को ऊपर और ऊपर लेती जाती है. हर क्रिया की एक समाज और विपरीत प्रतिक्रिया होती है .

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दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से Newton’s Laws Of Motion In Hindi और बल और गति के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी दिए हैं. अगर आपको हमारे आज के यह पोस्ट informative लगे हैं, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, हम आपसे मिलते हैं हमारी अकेले नहीं जानकारी के साथ तब तक के लिए स्वस्थ रहिए खुश रहिए.

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